Poetry in Hindi Gunjchand

तू देख अब मैं तुझसे नफरत किस तरह करती हूं  आज तेरी याद को अपनी जिंदगी से दफा करती हूं और अब मैं मोहब्बत तुझसे कुछ इस तरह करती हूं…

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